शुक्रवार 2 जनवरी 2026 - 14:25
ज़ियारत ए अरबईन एक वैश्विक पाठशाला और सभ्यता निर्माता परियोजना बन चुकी है। हुज्जतुल इस्लाम सैय्यद अम्मार अलमूसवी

हौज़ा / हश्दुश शाअबी के विचारधारात्मक प्रचार प्रभारी हुज्जतुल इस्लाम सैय्यद अम्मार अल-मूसवी ने अर्बईन हुसैनी 2025 के अंतर्राष्ट्रीय प्रचारकों के सम्मान समारोह में अरबईन के ज़ायरीन के इस विशाल जमावड़े को इबादत से परे, एक वैश्विक पाठशाला, प्रशिक्षण परियोजना और इस्लामी उम्मा की इस्लामी व जिहादी पहचान की रक्षक आंदोलन करार दिया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हश्दुश शाअबी के विचारधारात्मक प्रचार प्रभारी हुज्जतुल इस्लाम सैय्यद अम्मार अल-मूसवी ने क़ुम में आयोजित अर्बईन हुसैनी 2025 के अंतर्राष्ट्रीय प्रचारकों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए, इस्लामी दुनिया में अर्बईन ज़ियारत के रणनीतिक स्थान पर ज़ोर देते हुए इस विशाल जमावड़े को केवल इबादत से अधिक, एक वैश्विक पाठशाला, प्रशिक्षण और सभ्यता निर्माता परियोजना करार दिया।

उन्होंने धार्मिक प्रचार के स्थान की ओर इशारा करते हुए कहा,अल्लाह तआला पवित्र क़ुरआन में फरमाता है,जो लोग अल्लाह के संदेश को पहुँचाते हैं, वे उसी से डरते हैं और उसके अलावा किसी से नहीं डरते, और हिसाब-किताब के लिए अल्लाह काफ़ी है।

हश्दुश शाअबी के विचारधारात्मक प्रचार प्रभारी ने कहा: आज इतिहास का सबसे बड़ा नज़ारा अर्बईन की ज़ियारत के रूप में देखने को मिल रहा है। आज हम इतिहास के सबसे बड़े मैदान में एकत्र हुए हैं और वह मैदान अर्बईन की ज़ियारत का है।

उन्होंने आगे कहा: यह ज़ियारत केवल इबादत से परे होकर एक वैश्विक पाठशाला, प्रशिक्षण परियोजना और एक ऐसा वैश्विक स्रोत बन चुकी है जो उम्मा को नए सिरे से गढ़ती है, इंसान को संवारती है और उसकी इस्लामी व जिहादी पहचान की रक्षा करती है।

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